Posts

कोई उसे बताये तो के माजरा क्या है

कागज की कशतियों में सवार हैं

sabak jisko wafa ka yaad hoga

तुम क्या गये के ज़िन्दगी अंजान हो गयी

बहुत दिल दुखाया है अपना

तेरे जाने के बाद समझ में आया

चरागे ज़िन्दगी है जलती बुझती है मचलती है

Jise dhoond rha hoon wo milta nahi

अब पहले कहीं से शराब आये

मुहब्बतें गिनते गिनते थकान हो रही है

शिकारी बनोगे या शिकार बनोगे